पैसा आता है लेकिन रुकता नहीं? शास्त्रानुसार धन आकर्षण के उपाय
पैसा आकर्षित कैसे करें, धन प्राप्ति के उपाय, लक्ष्मी कृपा पाने के उपाय, कुबेर मंत्र, धन वृद्धि के शास्त्रीय उपाय, राशि अनुसार पूजा, पैसा रुकता क्यों नहीं, धन साधना विधि
धन क्या है? (शास्त्रीय दृष्टिकोण)
आज के समय में धन को केवल कमाई से जोड़ा जाता है, लेकिन शास्त्रों में धन को महालक्ष्मी की चेतन शक्ति माना गया है।
ऋग्वेद, विष्णु पुराण और लक्ष्मी तंत्र में स्पष्ट कहा गया है कि “जहाँ धर्म, शुद्ध आचरण और श्रद्धा होती है, वहीं लक्ष्मी स्थिर होती हैं।” इसलिए यदि कोई व्यक्ति पूछता है कि “पैसा आकर्षित कैसे करें?” तो उत्तर केवल उपाय नहीं, बल्कि जीवन-पद्धति से जुड़ा होता है। पैसा आता है लेकिन रुकता क्यों नहीं? (शास्त्रीय कारण)
यह प्रश्न आज सबसे अधिक पूछा जाता है: पैसा आता है लेकिन टिकता नहीं क्यों?
आज के समय में धन को केवल कमाई से जोड़ा जाता है, लेकिन शास्त्रों में धन को महालक्ष्मी की चेतन शक्ति माना गया है।
ऋग्वेद, विष्णु पुराण और लक्ष्मी तंत्र में स्पष्ट कहा गया है कि “जहाँ धर्म, शुद्ध आचरण और श्रद्धा होती है, वहीं लक्ष्मी स्थिर होती हैं।” इसलिए यदि कोई व्यक्ति पूछता है कि “पैसा आकर्षित कैसे करें?” तो उत्तर केवल उपाय नहीं, बल्कि जीवन-पद्धति से जुड़ा होता है। पैसा आता है लेकिन रुकता क्यों नहीं? (शास्त्रीय कारण)
यह प्रश्न आज सबसे अधिक पूछा जाता है: पैसा आता है लेकिन टिकता नहीं क्यों?
कर्म दोष
✔ गरुड़ पुराण के अनुसार:
दूसरों का धन रोकना, छल, कपट या बेईमानी, किसी की मजबूरी का लाभ उठाना ये सब धन प्रवाह में बाधा बनते हैं।
✔ लक्ष्मी के निवास के नियमों का उल्लंघन
जहाँ: घर में गंदगी रहती है, भोजन का अपमान होता है, माता-पिता या स्त्रियों का अनादर होता है, वहाँ लक्ष्मी स्थायी रूप से नहीं ठहरतीं।
✔ मानसिक अभाव अथर्ववेद कहता है:
“मन ही बंधन है, मन ही मुक्ति है।”
अगर मन में बार-बार यह भाव हो
“मेरे पास पैसा नहीं टिकता”
“मैं हमेशा परेशान रहता हूँ”
तो वही भाव वास्तविकता बन जाता है।
अगर मन में बार-बार यह भाव हो
“मेरे पास पैसा नहीं टिकता”
“मैं हमेशा परेशान रहता हूँ”
तो वही भाव वास्तविकता बन जाता है।
✔ पैसा आकर्षित करने का शास्त्रीय सिद्धांत
शास्त्र धन आकर्षण को तीन आधारों पर रखते हैं:
1. धर्म
ईमानदारी, सत्य, संयम
2. कर्म
मेहनत + सेवा + धैर्य
3. साधना
मंत्र, पूजा, नियम
इन तीनों के बिना धन केवल आता है, ठहरता नहीं।
1. धर्म
ईमानदारी, सत्य, संयम
2. कर्म
मेहनत + सेवा + धैर्य
3. साधना
मंत्र, पूजा, नियम
इन तीनों के बिना धन केवल आता है, ठहरता नहीं।
✔ धन आकर्षण के लिए मानसिक तैयारी
पूजा या मंत्र से पहले मानसिक स्थिति शुद्ध होना अनिवार्य है।
क्या करें:
रोज़ 2 मिनट धन्यवाद भावना।
धन को सम्मान की दृष्टि से देखें।
जो है, उसके लिए कृतज्ञ रहें।
क्या करें:
रोज़ 2 मिनट धन्यवाद भावना।
धन को सम्मान की दृष्टि से देखें।
जो है, उसके लिए कृतज्ञ रहें।
क्या न करें:
धन को गाली देना,अमीरों से ईर्ष्या, बार-बार अभाव की बात करना।
धन को गाली देना,अमीरों से ईर्ष्या, बार-बार अभाव की बात करना।
✔ धन आकर्षण के सामान्य नियम (बहुत ज़रूरी)
समय
ब्रह्म मुहूर्त (4:30 – 5:30 AM)
शुक्रवार और गुरुवार विशेष फलदायक
ब्रह्म मुहूर्त (4:30 – 5:30 AM)
शुक्रवार और गुरुवार विशेष फलदायक
शुद्धता
स्नान के बाद पूजा।
साफ वस्त्र।
पूजा स्थान स्वच्छ।
स्नान के बाद पूजा।
साफ वस्त्र।
पूजा स्थान स्वच्छ।
नियम
मंत्र जप के समय मौन।
मोबाइल से दूरी।
एक ही मंत्र पर स्थिरता।
मंत्र जप के समय मौन।
मोबाइल से दूरी।
एक ही मंत्र पर स्थिरता।
✔ महालक्ष्मी पूजा विधि
आवश्यक सामग्री:
लाल कपड़ा।
कमल या गुलाब।
शुद्ध घी का दीपक।
अक्षत (चावल)।
आवश्यक सामग्री:
लाल कपड़ा।
कमल या गुलाब।
शुद्ध घी का दीपक।
अक्षत (चावल)।
हल्दी, कुमकुम।
पूजा विधि:
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें। लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी जी का चित्र रखें। घी का दीपक जलाकर कहें:
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें। लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी जी का चित्र रखें। घी का दीपक जलाकर कहें:
“ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” अक्षत, पुष्प अर्पित करें। नीचे दिए मंत्र का 108 बार जाप करें।
धन आकर्षण के शक्तिशाली मंत्र
महालक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
रोज़ 108 जाप, कम से कम 21 दिन।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
रोज़ 108 जाप, कम से कम 21 दिन।
कुबेर मंत्र (धन संचय के लिए)
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय
धनधान्याधिपतये धनधान्य समृद्धिं मे देहि स्वाहा
धनधान्याधिपतये धनधान्य समृद्धिं मे देहि स्वाहा
गुरुवार या शुक्रवार
08 जाप
स्थायी धन के लिए मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
08 जाप
स्थायी धन के लिए मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
✔ राशि अनुसार किस देवता की पूजा करें,
राशि देवता मंत्र
मेष हनुमान ॐ नमो भगवते हनुमते नमः
वृषभ लक्ष्मी ॐ श्रीं नमः
मिथुन विष्णु ॐ नमो नारायणाय
कर्क शिव ॐ नमः शिवाय
सिंह सूर्य ॐ घृणि सूर्याय नमः
कन्या गणेश ॐ गं गणपतये नमः
तुला लक्ष्मी ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
वृश्चिक भैरव ॐ भैरवाय नमः
धनु बृहस्पति ॐ बृं बृहस्पतये नमः
मकर शनि ॐ शं शनैश्चराय नमः
कुम्भ विष्णु ॐ नमो नारायणाय
मीन विष्णु ॐ नमो वासुदेवाय
राशि देवता मंत्र
मेष हनुमान ॐ नमो भगवते हनुमते नमः
वृषभ लक्ष्मी ॐ श्रीं नमः
मिथुन विष्णु ॐ नमो नारायणाय
कर्क शिव ॐ नमः शिवाय
सिंह सूर्य ॐ घृणि सूर्याय नमः
कन्या गणेश ॐ गं गणपतये नमः
तुला लक्ष्मी ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
वृश्चिक भैरव ॐ भैरवाय नमः
धनु बृहस्पति ॐ बृं बृहस्पतये नमः
मकर शनि ॐ शं शनैश्चराय नमः
कुम्भ विष्णु ॐ नमो नारायणाय
मीन विष्णु ॐ नमो वासुदेवाय
✔ धन साधना में आवश्यक सावधानियाँ
ये भूलें न करें:
मंत्र बदल-बदल कर जाप।
पूजा के बाद गलत कर्म।
गंदे स्थान पर साधना।
दिखावे के लिए पूजा।
ये भूलें न करें:
मंत्र बदल-बदल कर जाप।
पूजा के बाद गलत कर्म।
गंदे स्थान पर साधना।
दिखावे के लिए पूजा।
✔ धन बढ़ाने के शास्त्रीय उपाय
तिजोरी उत्तर दिशा में रखें।
तिजोरी उत्तर दिशा में रखें।
शुक्रवार को सफेद वस्तु दान।
रोज़ दीपक लक्ष्मी जी के नाम।
पैसा आकर्षित कैसे करें शास्त्रानुसार?
शास्त्रों के अनुसार पैसा आकर्षित करने के लिए धर्म, कर्म और साधना तीनों का संतुलन आवश्यक है। नियमित लक्ष्मी मंत्र जाप, शुद्ध आचरण और संयमित जीवन से धन की ऊर्जा स्वतः आकर्षित होती है।
पैसा आता है लेकिन रुकता क्यों नहीं?
गरुड़ पुराण के अनुसार असंयमित खर्च, कर्म दोष और लक्ष्मी अपमान के कारण धन टिकता नहीं। गलत आदतें और अव्यवस्थित जीवन धन के प्रवाह को रोक देता है।
धन प्राप्ति के लिए कौन सा मंत्र सबसे शक्तिशाली है?
धन प्राप्ति के लिए सबसे प्रभावशाली मंत्र है: “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” इस मंत्र का 108 बार जाप करने से लक्ष्मी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
कुबेर मंत्र धन बढ़ाने में कैसे मदद करता है?
कुबेर मंत्र धन के संचय और स्थिरता के लिए होता है। यह मंत्र आय के स्रोत बढ़ाता है और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करता है।
राशि अनुसार किस देवता की पूजा करने से धन बढ़ता है?
हर राशि का एक अधिपति देवता होता है। अपनी राशि के अनुसार देवता की पूजा करने से ग्रह दोष कम होते हैं और धन प्राप्ति में बाधाएँ दूर होती हैं।
क्या शुक्रवार को पूजा करने से पैसा बढ़ता है?
हाँ। शुक्रवार माता लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से धन आकर्षण और वैभव वृद्धि होती है।
घर में धन न रुकने के मुख्य कारण क्या हैं?
घर में गंदगी, टूटे सामान, अव्यवस्थित तिजोरी और स्त्रियों का अपमान ये सभी धन रुकने में सबसे बड़ी बाधाएँ हैं।
धन रोकने के लिए तिजोरी किस दिशा में रखें?
वास्तु शास्त्र के अनुसार तिजोरी दक्षिण दीवार से लगी हो और उत्तर दिशा में खुले। इससे धन स्थिर रहता है और खर्च कम होता है।
क्या केवल पूजा से ही पैसा आ सकता है?
नहीं। शास्त्र कहते हैं कि केवल पूजा पर्याप्त नहीं। सही कर्म, ईमानदारी और संयम के बिना धन स्थायी नहीं होता।
कौन सी आदतें लक्ष्मी को घर से बाहर कर देती हैं?
झूठ बोलना, फिजूलखर्ची, गंदगी, आलस्य और अहंकार ये आदतें लक्ष्मी को दूर कर देती हैं और आर्थिक संकट बढ़ाती हैं।
शास्त्रों के अनुसार पैसा आकर्षित करने के लिए धर्म, कर्म और साधना तीनों का संतुलन आवश्यक है। नियमित लक्ष्मी मंत्र जाप, शुद्ध आचरण और संयमित जीवन से धन की ऊर्जा स्वतः आकर्षित होती है।
पैसा आता है लेकिन रुकता क्यों नहीं?
गरुड़ पुराण के अनुसार असंयमित खर्च, कर्म दोष और लक्ष्मी अपमान के कारण धन टिकता नहीं। गलत आदतें और अव्यवस्थित जीवन धन के प्रवाह को रोक देता है।
धन प्राप्ति के लिए कौन सा मंत्र सबसे शक्तिशाली है?
धन प्राप्ति के लिए सबसे प्रभावशाली मंत्र है: “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” इस मंत्र का 108 बार जाप करने से लक्ष्मी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
कुबेर मंत्र धन बढ़ाने में कैसे मदद करता है?
कुबेर मंत्र धन के संचय और स्थिरता के लिए होता है। यह मंत्र आय के स्रोत बढ़ाता है और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करता है।
राशि अनुसार किस देवता की पूजा करने से धन बढ़ता है?
हर राशि का एक अधिपति देवता होता है। अपनी राशि के अनुसार देवता की पूजा करने से ग्रह दोष कम होते हैं और धन प्राप्ति में बाधाएँ दूर होती हैं।
क्या शुक्रवार को पूजा करने से पैसा बढ़ता है?
हाँ। शुक्रवार माता लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से धन आकर्षण और वैभव वृद्धि होती है।
घर में धन न रुकने के मुख्य कारण क्या हैं?
घर में गंदगी, टूटे सामान, अव्यवस्थित तिजोरी और स्त्रियों का अपमान ये सभी धन रुकने में सबसे बड़ी बाधाएँ हैं।
धन रोकने के लिए तिजोरी किस दिशा में रखें?
वास्तु शास्त्र के अनुसार तिजोरी दक्षिण दीवार से लगी हो और उत्तर दिशा में खुले। इससे धन स्थिर रहता है और खर्च कम होता है।
क्या केवल पूजा से ही पैसा आ सकता है?
नहीं। शास्त्र कहते हैं कि केवल पूजा पर्याप्त नहीं। सही कर्म, ईमानदारी और संयम के बिना धन स्थायी नहीं होता।
कौन सी आदतें लक्ष्मी को घर से बाहर कर देती हैं?
झूठ बोलना, फिजूलखर्ची, गंदगी, आलस्य और अहंकार ये आदतें लक्ष्मी को दूर कर देती हैं और आर्थिक संकट बढ़ाती हैं।
निष्कर्ष: धन आकर्षण का अंतिम सत्य धन जबरदस्ती नहीं आता, धन लालच से नहीं रुकता।
धन: धर्म से आकर्षित होता है, श्रद्धा से स्थिर होता है, नियम से बढ़ता है, यदि आप पूछते हैं पैसा आकर्षित कैसे करें? तो उत्तर है: कर्म + साधना + सही दिशा।

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