घर पर हनुमान जी की पूजा कैसे करें? आसान विधि और मंत्र
मंगलवार का दिन भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या, साहस और भक्ति का प्रतीक कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति मंगलवार के दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करता है, उसके जीवन से भय, रोग, बाधाएँ और नकारात्मक शक्तियाँ दूर होने लगती हैं।
आज के समय में जब मानसिक तनाव, डर और अस्थिरता बढ़ रही है, तब मंगलवार की हनुमान पूजा एक आध्यात्मिक संबल बन सकती है।
हनुमान जी की पूजा मंगलवार को ही क्यों?
मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से होता है, और हनुमान जी को मंगल ग्रह के दोष शांत करने वाला देवता माना गया है।
मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से होता है, और हनुमान जी को मंगल ग्रह के दोष शांत करने वाला देवता माना गया है।
हनुमान जी चिरंजीवी हैं
वे रामभक्त हैं और कलियुग में शीघ्र फल देने वाले देवता माने जाते हैं, उनकी पूजा से मंगल दोष, भय, शत्रु बाधा और आत्मबल की कमी दूर होती है,
इसी कारण मंगलवार का दिन हनुमान जी की उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
मंगलवार को हनुमान पूजा से पहले आवश्यक तैयारी, पूजा का फल तभी मिलता है जब शरीर और मन दोनों शुद्ध हों। स्नान और शुद्धि, मंगलवार की सुबह जल्दी उठें, स्नान करें, साफ, साधारण वस्त्र पहनें (लाल या केसरिया रंग शुभ माना जाता है)
पूजा स्थान की तैयारी
घर के मंदिर या उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा करें, हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, सामने दीपक, धूप, जल और फूल रखें, मंगलवार को हनुमान जी की पूजा विधि:
1: आसन ग्रहण करें
पूजा करते समय ज़मीन पर आसन बिछाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। आसन ग्रहण मंत्र:
पूजा करते समय ज़मीन पर आसन बिछाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। आसन ग्रहण मंत्र:
ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवी त्वं विष्णुना धृता।
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥
2: दीपक और धूप प्रज्वलन
सरसों के तेल का दीपक जलाएँ, धूप या अगरबत्ती लगाएँ, दीपक प्रज्वलन मंत्र:
सरसों के तेल का दीपक जलाएँ, धूप या अगरबत्ती लगाएँ, दीपक प्रज्वलन मंत्र:
ॐ दीपज्योति: परं ब्रह्म दीपज्योति: जनार्दन:।
दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥
दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥
3: हनुमान जी का ध्यान
आँखें बंद कर कुछ क्षण हनुमान जी का स्मरण करें। अपने मन में उन्हें संकटमोचक, वीर और भक्त रूप में देखें।
आँखें बंद कर कुछ क्षण हनुमान जी का स्मरण करें। अपने मन में उन्हें संकटमोचक, वीर और भक्त रूप में देखें।
4: सिंदूर और चोला अर्पण
हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। यदि संभव हो तो: सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल अर्पित करें।
हनुमान जी की कृपा कैसे पाएं? मंगलवार पूजा विधि और मंत्र
हनुमान बीज मंत्र
यह मंत्र आत्मबल और भय नाश के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।
ॐ ऐं भ्रीम हनुमते
श्री राम दूताय नमः॥
श्री राम दूताय नमः॥
11, 21 या 108 बार जप करें। हनुमान गायत्री मंत्र, बुद्धि, साहस और निर्णय शक्ति बढ़ाने वाला मंत्र।
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे
वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥
वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥
संकट मोचन मंत्र
यदि जीवन में लगातार परेशानियाँ चल रही हों।
ॐ नमो भगवते हनुमते नमः॥
यदि जीवन में लगातार परेशानियाँ चल रही हों।
ॐ नमो भगवते हनुमते नमः॥
हनुमान चालीसा का पाठ (अत्यंत आवश्यक)
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा 'हनुमान चालीसा के बिना अधूरी' मानी जाती है। कम से कम 1 बार
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा 'हनुमान चालीसा के बिना अधूरी' मानी जाती है। कम से कम 1 बार
विशेष साधना में 3 या 7 बार, शांत मन से, अर्थ समझते हुए पाठ करें
मंगलवार हनुमान पूजा गाइड: विधि, मंत्र, प्रसाद और लाभ
भय समाप्त करता है, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है
भोग और प्रसाद अर्पण
गुड़-चना, केला, बूंदी के लड्डू, बेसन का प्रसाद, भोग अर्पण करते समय मन से प्रार्थना करें।
अंतिम प्रार्थना
पूजा के अंत में दोनों हाथ जोड़कर सच्चे मन से प्रार्थना करें: “हे पवनपुत्र हनुमान,, मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।मेरे जीवन से भय, रोग और बाधाएँ दूर करें, और मुझे सद्बुद्धि तथा साहस प्रदान करें।”
पूजा के अंत में दोनों हाथ जोड़कर सच्चे मन से प्रार्थना करें: “हे पवनपुत्र हनुमान,, मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।मेरे जीवन से भय, रोग और बाधाएँ दूर करें, और मुझे सद्बुद्धि तथा साहस प्रदान करें।”
मंगलवार को हनुमान पूजा के लाभ
✔ भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
✔ मंगल दोष में शांति
✔ शत्रु बाधा का नाश
✔ आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
✔ मानसिक शांति और स्थिरता
✔ कार्यों में सफलता
✔ मंगल दोष में शांति
✔ शत्रु बाधा का नाश
✔ आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
✔ मानसिक शांति और स्थिरता
✔ कार्यों में सफलता
मंगलवार को हनुमान पूजा करते समय सावधानियाँ
मांस-मदिरा से दूर रहें
क्रोध और अपशब्दों से बचें
पूजा के समय मन अशांत न रखें
श्रद्धा और नियम से पूजा करें
क्रोध और अपशब्दों से बचें
पूजा के समय मन अशांत न रखें
श्रद्धा और नियम से पूजा करें
निष्कर्ष
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि 'आत्मिक शक्ति जागृत करने का माध्यम' है। यदि इस पूजा को नियम, श्रद्धा और सच्चे भाव से किया जाए, तो हनुमान जी अवश्य कृपा करते हैं।
कलियुग में हनुमान जी ऐसे देवता हैं जो 'शीघ्र प्रसन्न' होते हैं और अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि 'आत्मिक शक्ति जागृत करने का माध्यम' है। यदि इस पूजा को नियम, श्रद्धा और सच्चे भाव से किया जाए, तो हनुमान जी अवश्य कृपा करते हैं।
कलियुग में हनुमान जी ऐसे देवता हैं जो 'शीघ्र प्रसन्न' होते हैं और अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।
FAQs 👇
1. मंगलवार को हनुमान जी की पूजा किस समय करनी चाहिए?
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा सुबह सूर्योदय के बाद या शाम सूर्यास्त के समय करना शुभ माना जाता है। प्रातःकाल पूजा करने से मन शुद्ध होता है, जबकि शाम की पूजा से दिनभर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
2. क्या बिना मंत्र जाने हनुमान जी की पूजा कर सकते हैं?
हाँ, यदि आपको मंत्र याद नहीं हैं तो भी आप सच्चे मन से “राम-नाम” या “हनुमान जी का स्मरण” कर सकते हैं। भक्ति और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण होती है, मंत्र केवल साधन हैं।
3. हनुमान जी को कौन सा प्रसाद सबसे प्रिय है?
हनुमान जी को गुड़-चना, बूंदी के लड्डू, केले और बेसन का प्रसाद अत्यंत प्रिय माना जाता है। इनका भोग लगाने से पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होता है।
4. क्या महिलाएं मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं भी पूरी श्रद्धा और नियम से हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं। बस शुद्धता और नियमों का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
5. हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?
सामान्य रूप से मंगलवार को 1 बार हनुमान चालीसा का पाठ पर्याप्त होता है। विशेष मनोकामना के लिए 3, 7 या 11 बार भी पढ़ा जा सकता है।
6. क्या मंगलवार को व्रत रखना जरूरी है?
व्रत रखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति व्रत रखकर पूजा करता है तो उसका आध्यात्मिक लाभ और अधिक बढ़ जाता है। व्रत के साथ संयम और सात्विक आहार रखना चाहिए।
7. हनुमान जी की पूजा से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?
हनुमान जी की पूजा से भय, रोग और बाधाएँ दूर होती हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं।
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